खांसी और सर्दी
पहला चरण
यह ठण्ड लगने और कंठ प्रभावित होने क दुसरे या तीसरे दिन उत्पन्न होता है जादातर डिब्बा बंद भोजन या पेय जंक फ़ूड जकोल्ड ड्रिंक्स टमाटर सास अन्य डिब्बा बंद भोजन मसालेदार चाईंनिज भोजन |
इपेकाक 30
बेलाडोना 30
फैटोलक्का 30
तीनो से बदल बदल कर २ दो बूँद एक एक घंटा पर पीना है |
इसके साथ
कैली मयूर 6x
और फेरम फोस 6x
दोनों से 4 -4 गोलियां चुसना है और गुण गुना पानी पी लेना है|
*********************************************************************************
दूसरा चरण
इसमें श्राव और म्यूकस आसानी से निकलने लगते हैं
अर्सेनिकम एल्बम 30
बेलाडोना ३०
फैटोलक्का 30
तीनो से बदल बदल कर २ दो बूँद एक एक घंटा पर पीना है |
*********************************************************************************
तीसरा चरण
गाढ़ा पीला या सफ़ेद श्राव , कभी आसानी से निकल आता है कभी मुस्किल होता है |
कैली बायीं 30
एटीमोनियम क्रूड 30
नेट्रम मयूर 12x
*********************************************************************************
चौथा चरण
मुख के अन्दर कोमल एवं कंठछद्म के उपरी किनारे के बिच इस्थिति ग्रसनी का मध्य भाग झुलसा हुआ और अत्यंत सुखा | रोगी कहता है की खासी सुखी है किन्तु वास्तव में ऐसा नही होगा बल्कि डीकॉनजस्टंट के इस्तेमाल के वजह से उत्पन्न होता है
हिस्तामिन रोधी औषधी के उपयोग के कारन रोगी दुर्बल थका हुआ और सुस्त हो जाता है |
गैस्ट्रिक प्रदाह के कारन भूीख ही नहीं लगती |
रानीटाईडीन जैसे दावा क कारन कब्ज़ और मुख की शुष्कता उत्पन्न हो जाती है |
ऐसे केसेस में
एटीमोनियम टार्ट ३०,२-२ घंटा के अंतराल पर |
कार्बो वेज २०० सुबह रात लेना चाहिए
*********************************************************************************
visit www.drmayankmadhu.com
Comments
Post a Comment